Saturday, 16 May 2015

जिंदगी तेरा उधार

उधार तो तेरा है जिंदगी, जिसे चुकाना हम भूल गए।
जो खो दिया था बचपने में ,उसे पाना हम भूल गए।
याद आये हमारी तो याद कर लेना जी भरकर।
अगर याद न आये तो समझना ,हम याद कराना भूल गए।
मेरे दिल ने कहा ये मुझसे ,किसी की पलकों में न बसना
 क्यूंकि पलकों में तो  सिर्फ सपने बसते हैं।    

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