रुक गयी दुनिया
रुका है आसमां।
जहाँ मैं देखूँ
वहां बंधा है समां।
रुक रुक के चलता है ये,
रुक रुक के करता ये काम ।
जिंदगी के भँवर में
फंसा जाने कहाँ।