अनजाने में की गयी भूल ,भूल नहीं होती। हर बात की कोई तूल होती।
खून की १ बूँद भी जैसे पानी नहीं होती ,हर बात में कहानी नहीं होती।
जब रोती हुईं आँखें गीली नहीं होती,तब दिल और दिमाग ने जख्मों की घूंटी पी ली नहीं होतीं।
जैसे डायबिटिक की चाय मीठी नहीं होती ,हर राहगीर की राह सीधी नहीं होती।
मौत को सामने खड़ा देख जवानों की पैंट गीली नहीं होती ,जिन्दा उम्मीदें कभी ढीली नहीं होती।
हर गाने वाले की आवाज़ सुरीली नहीं होती ,मुर्दे ने भी जिंदगी पूरी जी ली नहीं होती।
मिट्टी के पुतले में जान नहीं होती , बिन कलम कागज के पन्नों की पहचान नहीं होती।
जहन में दबी हर बात हमेशा बयाँ नहीं होती ,हर राहगीर की राह आसान नहीं होती।
जब खोई हुई चीज़ अपनी नहीं होती ,जब सपनों की माला जपनी नहीं होती।
जिंदगी जब आसान होने लगती ,मुस्कुराती हुई खिखिलाते हुए दिल से बातें करने लगती।
किताबों की हर लाइन रटनी नहीं होती,खूबसूरत लड़कियां आसानी से पटनी नहीं होती ।
ईमानदारी की जात नहीं होती,हर किसी के खून में वो बात नहीं होती।
भूख कभी भूखे की जात नहीं देखती ,प्यास कभी प्यासे का बाप देखती।
मौत कभी कानून के लम्बे हाँथ नहीं देखती ,अकेले का दुनिया कभी साथ नहीं देखती।
अच्छे काम करने वालों का दुनिया कभी हाँथ(लकीरें) नहीं देखती जैसे उगे हुए सूरज को कभी रात नहीं देखती।
खून की १ बूँद भी जैसे पानी नहीं होती ,हर बात में कहानी नहीं होती।
जब रोती हुईं आँखें गीली नहीं होती,तब दिल और दिमाग ने जख्मों की घूंटी पी ली नहीं होतीं।
जैसे डायबिटिक की चाय मीठी नहीं होती ,हर राहगीर की राह सीधी नहीं होती।
मौत को सामने खड़ा देख जवानों की पैंट गीली नहीं होती ,जिन्दा उम्मीदें कभी ढीली नहीं होती।
हर गाने वाले की आवाज़ सुरीली नहीं होती ,मुर्दे ने भी जिंदगी पूरी जी ली नहीं होती।
मिट्टी के पुतले में जान नहीं होती , बिन कलम कागज के पन्नों की पहचान नहीं होती।
जहन में दबी हर बात हमेशा बयाँ नहीं होती ,हर राहगीर की राह आसान नहीं होती।
जब खोई हुई चीज़ अपनी नहीं होती ,जब सपनों की माला जपनी नहीं होती।
जिंदगी जब आसान होने लगती ,मुस्कुराती हुई खिखिलाते हुए दिल से बातें करने लगती।
किताबों की हर लाइन रटनी नहीं होती,खूबसूरत लड़कियां आसानी से पटनी नहीं होती ।
ईमानदारी की जात नहीं होती,हर किसी के खून में वो बात नहीं होती।
भूख कभी भूखे की जात नहीं देखती ,प्यास कभी प्यासे का बाप देखती।
मौत कभी कानून के लम्बे हाँथ नहीं देखती ,अकेले का दुनिया कभी साथ नहीं देखती।
अच्छे काम करने वालों का दुनिया कभी हाँथ(लकीरें) नहीं देखती जैसे उगे हुए सूरज को कभी रात नहीं देखती।
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