रोकूंगा नहीं!🙏
बह गए आंसुओं को रोकुंगा नहीं
कम होती सांसों को राेकुंगा नहीं
निकल गई आह मैं रोकुंगा नहीं
चढ़ गया चांद ए आसमां मैं राेकुंगा नहीं
थम गयी जिंदगी मैं रोकूंगा नहीं।
बढ़ गई उम्र मैं रोकूंगा नहीं
उम्र को दी हर वक्त ए मोहलत मैं रोकूंगा नहीं
दिल - धड़कन ए धरती को मै रोकूंगा नहीं
मन मंदिर-मजार ए मोहब्बत को मैं रोकूंगा नहीं
निकल गई जो बात सर के ऊपर मैं रोकूंगा नहीं।
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